मंगल दोष जाँच
मंगल दोष मंगल के भाव-स्थान से जाँचा जाता है — शास्त्रीय रूप से लग्न, चन्द्र और शुक्र से, और यह प्रायः परिहार-नियमों से कट जाता है। यह जाँच आपकी असली कुंडली बनाती है और हर संदर्भ खुले में दिखाती है।
सामान्य प्रश्न
मंगल (कुज) दोष क्या है?
एक शास्त्रीय स्थिति जिसमें मंगल कुछ भावों (सामान्य परम्परा में 1, 2, 4, 7, 8, 12) में हो — लग्न, चन्द्र या शुक्र से गिनकर। ग्रन्थ भाव-सूची पर भिन्न हैं — यह जाँच साफ़ बताती है कि कौन-से संदर्भ प्रयोग हुए।
क्या मंगल दोष कट सकता है?
हाँ — शास्त्रीय परिहार-नियम: स्व या उच्च राशि में मंगल, शुभ युतियाँ, और जब दोनों पक्षों में दोष हो तो परस्पर निरसन (मिलान-चरण पर लागू)। केवल-राशि के छोटे रास्तों से चिह्नित बहुत-सी कुंडलियाँ वास्तव में शान्त होती हैं।
क्या मंगल दोष विवाह के लिए अशुभ फ़ैसला है?
नहीं। यह अनेक शास्त्रीय कारकों में से एक है, अधिकांश स्थितियों में शमन होता है, और कोई गम्भीर परम्परा इसे अन्तिम फ़ैसला नहीं मानती। डर दिखाकर तुरन्त उपाय बेचना ज्योतिष नहीं है।
यह पृष्ठ केवल द्वार है — गणना खुली है, और सटीक। जो यह पृष्ठ नहीं दिखा सकता, वह इसके पीछे है: कुंडली पढ़ने की एक ऐसी विधि जिसे हम खुलने के दिन तक जान-बूझकर परदे में रखे हुए हैं — और वे योग्य ज्योतिषी जो उससे आपकी कुंडली पढ़ेंगे। प्रवेश आमंत्रण-क्रम से खुलेगा; सूची तय करेगी कि पहले कौन देखेगा।
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AstroAmrit एक ग्लास-बॉक्स है: इस पृष्ठ का हर अंक बताई गई विधि से पुनरुत्पादित किया जा सकता है। ये खगोलीय तथ्य हैं, भविष्यवाणियाँ नहीं। समय स्थानीय सूर्योदय की गणना पर आधारित हैं।